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पेसा कानून
झारखण्ड : नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी संघर्ष के ऐतिहासिक सबक
सेना के गोला-बारूद की मारक क्षमता की जांच के लिए झारखंड के नेतरहाट में की जाने वाली चांदमारी करीब छह दशक बाद आखिर अब बंद होने जा रही है। आम तौर पर पिछडे, अशिक्षित माने जाने वाले लोगों की यह ऐतिहासिक जीत, उस इलाके के ग्रामीण-आदिवासियों की लंबी, लगातार चली एकजुटता और संघर्ष ने हासिल की है। प्रस्तुत है, इस संघर्ष की दास्तान पर आधारित कुमार कृष्णन का…
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मध्य प्रदेश : पेसा नियमों को लेकर 26 साल बाद भी आदिवासियों के सामने असमंजस की…
मध्य प्रदेश सरकार राज्य पेसा नियम बनाने को लेकर कितनी गंभीर है, इसका पता 27 अगस्त 2022 के दैनिक भास्कर में छपी खबर…
आदिवासियों की बदहाली के संवैधानिक गुनहगार
संविधान में आदिवासियों को मिले विशेष दर्जे को आमतौर पर अनदेखा किया जाता रहा है। मसलन – राज्यपालों को अनुसूचित…
मध्य प्रदेश सरकार का ग्राम सभाओं को कमजोर करना आदिवासियों के संवैधानिक मूल्यों का हनन है
केन्द्रीय पेसा कानून, न्यायालयों के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के अधिकारों को कमजोर करने के उद्देश्य से पेसा कानून के तहत वन भूमि, न्याय संबंधित कानूनों में संशोधन न करके ग्रामसभाओं को कमजोर ही किया है।
ब्रिटिश सरकार के शिकंजे से जो आदिवासी समाज मुक्त रहा उसे आजादी के बाद…
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