आप आंदोलन में हैं, तो व्यक्तिगत मुकदमों के लिए तैयार रहें : दयामनी बारला
जेल से छूटने के बाद दयामनी बारला से आज दिल्ली में मुलाकात हुई. कारपोरेट-सरकारी गठजोड आज जिस शातिर तरीके से उन सबकी आवाज़ चुप कराने में लगा है जो अपने आस-पास लोकतंत्र और लोगों के हक को लेकर बोलते हैं, इसकी ताज़ा मिसाल हैं दयामनी बारला. डॉ. सुनीलम की रिहाई के लिए 12 जनवरी को मुलताई में हुई जन-सुनवाई से होकर आईं दयामनी जी ने देश भर में इस तरह…
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मुलताई गोलीकांड के 15 साल पुरे : किसान लाचार, इंसाफ का इंतजार
मुलताई गोलीकांड में मारे गये किसानों के परिजन तो परेशान हैं ही फर्जी अभियुक्त बनाए गए किसानों को भी अभी तक न्याय…
सर्वोच्च न्यायलय : इंदिरा सागर बांध में बिना पुनर्वास के पानी भरने पर सरकार को…
न्यायलय के आदेशों का उल्लंघन कर लायी गई थी डूब!
डूब के खिलाफ हुआ था जगह जगह जल सत्याग्रह!!
गुजरी 4 जनवरी को…
सर्वे के झरोखे से अति वंचितों की स्थिति
सर्वे का दायरा था आठ जिलों (भदोही, जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, कौशाम्बी, फ़तेहपुर, उन्नाव और बाराबंकी) के 14 ब्लाक, 15 राजस्व गांव और अति वंचित समुदायों के 676 परिवार। बेशक़, यह सीमित दायरे की तसवीर है लेकिन व्यापक रूप से अति वंचित समुदायों के साथ नत्थी वंचनाओं की बानगी पेश करता है;
मनरेगा
मनरेगा इसलिए लागू हुआ कि ग्रामीण…
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पोस्को के खिलाफ आंदोलनरत किसान गिरफ्तार, जबरन भूमि-अधिग्रहण का सरकारी फरमान जारी
पोस्को भारत छोड़ो ! सरकार और कारपोरेट गठजोड मुर्दाबाद !! 8 जनवरी 2013 से उड़ीसा के गोविन्दपुर में विस्थापन के खिलाफ…
बेघरी की बेबसी बनाम सरकारी बेदिली
राजधानियों से बाक़ी शहरों के हाल का सुराग़ मिलता है। सब जानते हैं कि चमकते विकास के बरअक़्स नयी दिल्ली से लेकर रायपुर, भोपाल, जयपुर, पटना या कि लखनऊ तक पसरी हुई है बेघरी। ख़ास तौर पर सर्द रातों में उसका दर्द बयां करता मंज़र ख़ूब उजागर होता है। ज़ाहिर है कि उसमें बेघरों के प्रति सरकारी संगदिली भी नत्थी होती है और इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि…
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मुलताई गोलीकांड के दोषियों पर कार्यवाही हो : किसान संघर्ष समिति
15 वर्ष पहले मुलताई गोलीकांड में अपना पति खो चुकी परमंडल गांव की लक्ष्मी बाई, मोही गांव की सुखी बाई, मरमंडल…
दिल्ली की प्यास बनी हिमाचल की त्रास
दिल्ली के निवासियों को ज़िंदा रखने की कीमत हिमाचल के लोग अपनी आजीविका के विनाश और रेणुका बाँध परियोजना के…
कारपोरेट लूट- पुलिसिया दमन विरोधी लोक संघर्ष यात्रा : प्रतिदिन 100 लीटर पानी में जिन्दा रहने को विवश हैं विस्थापित परिवार
प्रतिदिन100 लीटर पानी में जिन्दा रहने को विवश हैं विस्थापित परिवार!
कामरेड संजय नामदेव रिहा, जेल से निकल कर सीधे यात्रा में शामिल !!
लोक संघर्ष यात्रा के पांचवें दिन की रवि शेखर की संक्षेप रिपोर्ट;
मंदिर निर्माण और गौ रक्षा की दुहाई देने वाली मध्य प्रदेश की भगवा सरकार का असल चेहरा विस्थापितों की बस्ती में दिखता है जो भारत के नये…
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