मोदी सरकार ने स्वामित्व योजना के बहाने गांवों को भी टैक्स के दायरे में लाने की तैयारी
गुजरी 24 अप्रैल, 2020 को पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के ग्राम प्रधानों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सम्बोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री जी ने ई-ग्राम स्वराज एप और स्वामित्व योजना की भी शुरूआत की। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना के द्वारा गांवों की मैपिंग ड्रोन कैमरों से की जाएगी, जिससे हर ग्रामवासी को उसका मालिकाना…
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उत्तर प्रदेश : बांदा में बालू खनन माफिया के खिलाफ किसानों का जल सत्याग्रह
-रणविजय सिंह
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में केन नदी के किनारे खप्टिहाकलां गांव स्थित है। इस गांव की रहने वाली…
मध्य प्रदेश : लॉकडाउन में वन कर्मियों ने आदिवासियों के घर जलाए
भोपाल 2 जून 2020। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के सिवाल गांव के आदिवासी निवासियों कहना है कि वन अधिकारियों ने…
मध्य प्रदेश : सरकारी उदासीनता से भूखे मरने पर मजबूर मछुआरे; मत्सय विभाग के आदेश के बाद भी बरगी बांध में मत्स्याखेट शुरू नहीं
भोपाल 2 जून 2020। कोविड-19 महामारी के कारण 24 मार्च की मध्य रात्रि से घोषित लाक डाउन के कारण मध्यप्रदेश के पुर्णकलिक लगभग 2 लाख 2 हजार मछुआरा सदस्यों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है और रोजगार नहीं होने के कारण उनके जिन्दगी पर विपरीत असर हो रहा है। मछुआरों की इस कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए मछुआ कल्याण एवं मत्सय विभाग मध्यप्रदेश ने 31…
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मध्य प्रदेश : नर्मदा घाटी में 12 जल विद्युत परियोजनाएं मंजूर; फिर उजाड़े जायेंगे सैकड़ों गांवों के आदिवासी
-राज कुमार सिन्हा
26 मई 2020 को भारत सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दिया गया है कि पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन, दिल्ली और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कम्पनी लिमिटेड, मध्यप्रदेश के बीच 22 हजार करोड़ का अनुबंध हुआ है। इसमें नर्मदा घाटी के 225 मेगावाट जल विद्युत और बहुदेशीय 12 परियोजनाएं शामिल है। ज्ञात हो कि नर्मदा घाटी में मध्यप्रदेश सरकार…
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सरकारी उपेक्षा के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार : देश भर में 10,000 से ज्यादा जगहों…
सरकारी उपेक्षा के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार
मध्य प्रदेश सहित देश के 10,000 से ज्यादा गांवों, टोला, तहसील, ब्लॉक…
मोदी सरकार ने लॉकडाउन की आड़ में दिबांग घाटी में दो लाख सत्तर हजार पेड़ काटने की मंजूरी दी
-अविनाश चंचल
इस त्रासदी के समय जंगल, नदी और प्रकृति की बात कौन करे?
लेकिन हमारी सरकार इसी त्रासदी का फायदा उठाकर पर्यावरण खत्म करने और अपने कॉरपोरेट दोस्तों को खुश करने में लगी है।
क्या आपको पता है अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी में 2 लाख सत्तर हजार पेड़ काटे जाने की तैयारी हो रही है? अरुणाचल प्रदेश अपने ट्रोपिकल फॉरेस्ट कवर के लिये जाना…
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