संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

मोदी सरकार के लूटतंत्र का एक और तमाशा : झूठ और फर्जीबाड़े के दम पर छीन ली छत्तसीगढ़ के आदिवासियों की सैकड़ों एकड़ जमीन

मोदी सरकार के सत्ता में आते ही पूरे देश में जैसे जमीन की लूट मच गई है। जिस तरफ देखें वहीं किसानों आदिवासियों की जमीन धोखे-फरेब-लालच दे कर उनसे छीन कर प्रभुत्वशाली वर्ग को सौंपा जा रहा है। यहां गौरतलब यह है कि यह लूट सिर्फ बड़े कॉर्पोरेट या उद्यमों के लिए नहीं है, बल्कि मध्यम तथा छोटे उद्योगों तथा फर्म मालिकों को भी प्रशासन किसी भी कीमत पर…
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मजदूरों के आगे झुका महिन्द्रा सीआईई कम्पनी प्रबंधन

रुद्रपुर, 7 अक्टूबर। उत्तराखण्ड के रुद्रपुर में लम्बे संघर्ष के बाद महिन्द्रा सीआईई के बर्खास्तगी के शिकार दो…

हौंडा श्रमिकों के अनशन का 18वां दिन : एक श्रमिक की हालत बिगड़ी

19 सितंबर 2016 से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे होंडा मजदूरों के अनशन को आज…

जन विरोधी विकास निति का नतीजा बड़कागांव गोलीकांड

भारत सरकार के आकड़े को माने तो देश के पास अतिरिक्त 5000 मेगावाट बिजली है. तब भी पावर प्लांट क्यूँ ? अब जरूत आ गयी है विनाशकारी पॉवर प्लांटो को बायबाय करने कि और ऊर्जा के अन्य तरीको को खोजने की. समय आ गया है वीनासकारी जन विरोधी -जीवन विरोधी विकास नीति बदलने का. यदि हम अपने विकास नीति नहीं बदलते है तो पिछले दिनों जो बड़कागांव में…
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बड़कागांव के ग्रामीण दहशत में : पुलिस फायरिंग के बाद गाँव छोड़कर भागे; देखे वीडियो

झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव में 1 अक्टूबर को कफन सत्याग्रहियों पर सुबह 4 बजे पुलिस द्वारा की गई…

टपुकड़ा हौंडा मजदूरों की हौंडा उत्पादों के बहिष्कार की अपील : 5 अक्टूबर को हौंडा शो-रूम के सामने प्रदर्शन

पिछले सात माह से अपनी जायज मांगों को लेकर लड़ रहे टपुकड़ा, हौंडा मजदूरों के दिल्ली के जंतर मंतर पर जारी आमरण अनशन को आज 17वां दिन पूरा हो गया है। किंतु अब तक फैक्ट्री प्रबंधन या सरकार किसी ने भी इन मजदूरों की सुध नहीं ली है। लेकिन मजदूर तब भी अड़े हुए हैं कि वह अपनी मांगे पूरी होने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे। इसी क्रम में हौंडा मोटरसायकल और…
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छत्तीसगढ़ के गारेगांव में कोयला सत्याग्रह : एक इंच भी जमीन कोल माइनिंग के लिए नहीं…

छत्तीसगढ़ के तमनार ब्लॉक के गारे गांव में पिछले पांच साल से लगातार हर साल गांधी जयंती के दिन कोयला सत्याग्रह…

देश भर में बड़कागांव गोली कांड के खिलाफ आक्रोश; विरोध में प्रदर्शन

झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव में 1 अक्टूबर को कफन सत्याग्रहियों पर सुबह 4 बजे पुलिस द्वारा की गई…

बडकागांव बर्बर गोली कांड : संसाधन लूटने के लिए राज्यसत्ता कर रही है सुनियोजित हिंसा है !

झारखण्ड के हजारीबाग जिले के बडकागांव के आदिवासी अपनी 15,000 एकड़ जमीन बचाने के लिए पिछले 15 दिनों से शांतिपूर्ण कफ़न सत्याग्रह चला रहे थे. 1 अक्टूबर की सुबह के 4 बजे पुलिस ने सत्याग्रह स्थल पर सो रहे लोगों पर बर्बर पुलिस फायरिंग की है जिसमे 4 लोगों की मौके पर ही मोत हो गई थी. कल शाम तक 6 लोगों का पोस्टमार्टम हो चुका था. मरने वालों…
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