संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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झारखण्ड

झारखण्ड के आदिवासियों का नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के खिलाफ 25 वर्षों से बहादुराना प्रतिरोध

झारखण्ड के लातेहार एवं गुमला जिले के आदिवासी पिछले 25 वर्षों से केन्द्रीय जन संघर्ष समिति, लातेहार - गुमला के बैनर तले प्रस्तावित नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के खिलाफ संघर्षरत है. इस परियोजना से 245 गांवों के करीब 3 लाख लोगों के विस्थापित होने का अनुमान है। झारखण्ड की राजधानी रांची में प्रभावित आदिवासियों ने…
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झारखण्ड : अडानी के खिलाफ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह से विधायक प्रदीप यादव गिरफ्तार;…

मणि भाई झारखण्ड के गोड्डा जिले में प्रस्तावित अडानी पावर प्लांट के खिलाफ 16 अप्रेल से चल रहे आमरण अनशन के…

झारखण्ड : अडानी के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने में उमड़ा जनशैलाब

झारखण्ड के गोड्डा जिले में प्रस्तावित अडानी पावर प्लांट के खिलाफ 16 अप्रेल से चल रहे आमरण अनशन के पांचवे दिन…

झारखण्ड : सीएनटी-एसपीटी में संशोधन के खिलाफ सिमडेगा में विशाल जनसभा

-मनोज प्रवीण लाकड़ा सीएनटी- एसपीटी एक्ट में संशोधन को रद्द करने व राज्य के सभी 28 आदिवासी विधायकों से इस विषय पर 'करो या मरो' की मांग को लेकर आदिवासी सेंगेल अभियान ने 9 मार्च 2017 को झारखण्ड के सिमडेगा में बड़ी जनसभा की। इसे अभियान के अध्यक्ष, पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने संबोधित किया। कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट आदिवासियों का…
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झारखण्ड : भाजपा सरकार ने अडाणी को दी 1700 एकड़ जमीन, विरोध में स्थानीय आदिवासियों…

झारखण्ड के गोड्डा जिले के मोतिया गांव में अडानी को पावर प्लांट के लिए दी जा रही 1700 एकड़ बहुफसलीय जमीन के…

60 साल से विस्थापित आदिवासियों से धोखा : शोषण की नींव पर खड़ा है बोकारो इस्पात संयंत्र

झारखण्ड के बोकारो इस्पात संयंत्र के विस्थापितों के जुझारू संघर्ष ने एक बार फिर से सरकार की दोरंगी नीति को सामने ला दिया है। 3 जनवरी 2017 को बोकारो इस्पात संयंत्र के कूलिंग पौंड के अवैध निर्माण का विरोध कर रहे 10 विस्थापित नेताओं को धोखे से पकड़कर पुलिस ने 4 जनवरी को जेल भेज दिया है। पुलिसिया तानाशाही के विरोध में 19 जनवरी 2017 को हुए…
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प्राकृतिक संसाधन के असीमित लूट की हवस का परिणाम है ललमटिया खदान हादसा

झारखंड के गोड्डा जिलान्तर्गत कोल इंडिया के सहायक कंपनी इसीएल की राजमहल परियोजना के ललमटिया में भोड़ाय कोल माइंस…

तिलका मांझी शहादत दिवस : आदिविद्रोही तिलका मांझी को संघर्षों का क्रांतिकारी सलाम

भारत के औपनिवेशिक युद्धों के इतिहास में जबकि पहला आदिविद्रोही होने का श्रेय पहाड़िया आदिम आदिवासी समुदाय के…

आदिवासियों की जमीन हड़पने के लिए हुए कानूनों में संशोधन के खिलाफ एकताबद्ध झारखंडी आवाम

23 नवम्बर 2016 को झारखंड में भाजपा सरकार द्वारा सौ साल से ज्यादा पुराने कानून छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट-1908 (सीएनटी) और संथाल परगना टेनेंसी (सप्लिमेंटरी) एक्ट-1949 (एसपीटी) में प्रस्तावित संशोधनों को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। इस मंजूरी ने पूरे झारखंड राज्य में एक आग सी लगा दी है। स्थानीय निवासियों और आदिवासियों द्वारा किए जा रहे…
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