प्राकृतिक संसाधनों की कारपोरेट लूट के खिलाफ़ : वन-जन अधिकार रैली
गुजरी 15 दिसम्बर को 'वनाधिकार कानून 2006' को पारित हुए 8 वर्ष हो गए लेकिन इस कानून को अभी तक देश में प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है। केन्द्र में मोदी सरकार ने सत्तासीन होते ही देश की प्राकृतिक संसाधनों को कारपोरेट घरानों को औने पौने भावों में बेचने का ऐलान कर दिया है । इस सरकार-कम्पनी गठजोड़ के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करने व…
और पढ़े...
17वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन मुलताई : 12 जनवरी 2015
आर्थिक सहयोग के लिए अपील
प्रिय साथी,
जिंदाबाद!
किसान संघर्ष समिति द्वारा हर वर्ष की तरह 12 जनवरी 2015 को…
मुलताई एस.डी.एम. की तानाशाहीपूर्ण कार्यवाही : किसानों की अवैध गिरफ्तारी के विरोध…
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई में किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने…
मानेसर स्थित अस्ति इलेक्ट्रोनिक्स कंपनी के मज़दूरों का संघर्ष तेज
हरियाणा के मानेसर में आज (9 दिसम्बर 2014) सुबह अस्ति इलेक्ट्रोनिक्स कंपनी के कारखाने के स्थायी मज़दूरों ने हड़ताल की घोषणा कर कंपनी परिसर के अंदर बैठने का फैसला लिया है| कंपनी के 310 ठेका मज़दूर पहले से ही उनके अन्यायपूर्ण निष्कासन के विरोध में कारखाने के गेट के बहार 1 नवंबर 2014 से धरने पर बैठे हुए हैं| कंपनी परिसर के अंदर और गेट पर भारी संख्या…
और पढ़े...
सबसे ज्यादा काम, सबसे कम दाम और सबसे कम सुरक्षा ये है महिला कामगारों की स्थिति :…
‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'श्रमेव जयते' नारे का पर्याय है- श्रम का सम्मान नहीं, श्रम की पहचान नहीं। दरअसल…
अखिल भारत शिक्षा संघर्ष यात्रा-2014 : रैली व भोपाल महा-पड़ाव से एकजुट संघर्ष की…
शिक्षा के निजीकरण, बाज़ारीकरण व सांप्रदायीकरण के खिलाफ़ और ‘केजी से पीजी तक’ पूरी तरह मुफ़्त व सरकार द्वारा…
भाटी माईनस विस्थापित मांगेंगे आपना हक़ : 15 दिसम्बर 2014 को जंतर मंतर पर प्रदर्शन
जो ज़मीन सरकारी है वो ज़मीन हमारी है, जल-जंगल और ज़मीन ये हों जनता के अधीन
पिछले 50 साल से जारी शोषण के विरोध में दिल्ली के भाटी माईनस विस्थापित, भागीरथ नगर के बाशिंदे, ओड़ घुमन्तु जनजाति की मज़दूर महिलाएं
एवं गांव के प्रतिनिधि वरिष्ठ जन, अपने वंचित संवैधानिक अधिकारों को
पाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। 15 दिसम्बर 2014 को जंतर…
और पढ़े...
भोपाल गैस त्रासदी : और हमें देखते रहे !
आज 3 दिसम्बर को भोपाल गैस त्रासदी को 30 साल हो रहे हैं. 3 दिसम्बर 1984 भारतीय इतिहास का बहुत ही दुखद दिन है – जब…
महान संघर्ष समिति ने दिल्ली में कहा अबकी बार हमारा अधिकार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित महारैली में समिति ने लिया हिस्सा
नई दिल्ली। 2 दिसंबर, 2014। देश भर…
कारपोरेट-राज के खिलाफ साझी लड़ाई के सिवा रास्ता नहीं: ढिंकिया राष्ट्रीय सम्मलेन में जारी ‘संकल्प-पत्र’
ओडिशा केजगतसिंहपुर जिले के ढिंकिया गाँव में देशभर के ज़मीनी जनांदोलन अपनी चुनौतियों और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए 29-30 नवम्बर 2014 को इकट्ठा हुए. 'जल, जंगल, ज़मीन और जीविका के हक़ के लिए लोकतंत्र की रक्षा में जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मलेन' के मंच पर 100 से ज़्यादा जन-संगठनों से आए चार सौ से अधिक संघर्षशील साथियों ने विगत वर्षों के…
और पढ़े...