दयामनी बारला को बहुमत, जल जंगल जमीन पर हुकूमत !
झारखण्ड के खूंटी लोकसभा सीट पर जैसे जैसे मतदान की तारिख नजदीक आ रही है, खूंटी में चुनावी सक्रियता बढ़ती जा रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फर्क भी बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर शहरी क्षेत्रों में झारखण्ड पार्टी, भाजपा और कांग्रेस ने झंडे और पोस्टरों से पूरा बाज़ार पाट दिया है, वहीँ दूसरी और आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में 'आप'…
और पढ़े...
भगत सिंह: व्यक्ति नहीं, विचार का नाम।
आदियोग
23 मार्च कलेंडर की कोई तारीख़ भर नहीं है। यह भगत सिंह की शहादत का दिन है या कहें कि शोषणमुक्त और…
झारखंड में विरोध के बावजूद जिंदल के स्टील प्लांट को हरी झंडी, आंदोलनकारियों पर…
जिंदल के स्टील प्लांट पर मार्च 8, 2014 को असनबोनी, जिला-सिंहभूम (झारखण्ड) में सरकार ने पुलिसिया दमन के…
‘अनिवासी’ सारंडावासी !
झारखण्ड के सारंडा जंगल के बीच तकरीबन सौ गांव ऐसे हैं जिनके बारे में औपचारिक रूप
से राज्य या केंद्र सरकार को कोई जानकारी नहीं है. जाहिर है कि तब यहां के
निवासियों की गिनती भी राज्य के बाशिंदों में नहीं होती. ये न वनग्राम
हैं, न राजस्वग्राम. इस ‘प्रोटेक्टेड फोरेस्ट’ में रहने वाले करीब 25 हजार
आदिवासी व अन्य वन निवासी बिना किसी ‘पता’ के…
और पढ़े...
होली-बजोली पॉवर प्रोजेक्ट का विरोध कर रहीं 32 महिला आंदोलनकारी गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में होली-बजोली पॉवर प्रोजेक्ट के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी 32 महिलाओं को…
भगत सिंह को याद करने का मतलब
आदियोग
23 मार्च कलेंडर की तारीख़ भर नहीं है। यह भगत सिंह की शहादत का दिन है या कहें कि शोषणमुक्त और बराबरी पर…
फायरिंग रेंज के खिलाफ सुलगती आदिवासी जनचेतना: नेतरहाट में संघर्ष के इक्कीस साल
देश की सुरक्षा के लिए आदिवासी सिर्फ सेना में ही अपनी जानें नहीं देते, उनकी ज़मीनों भी राष्ट्र की सुरक्षा की भेंट चढ़ जाती हैं, जबकि इस राष्ट्र में न तो उनकी आवाज़ है और न ही पहचान। नेतरहाट के आदिवासी पिछले इक्कीस साल से राष्ट्रभक्ति के नाम पर अपनी जीविका का सौदा करने के खिलाफ संघर्षरत हैं और नक्सलवाद से निज़ात दिलाने के नाम पर एक बार फिर उनकी ज़मीन…
और पढ़े...
बेहतर भविष्य का घोषणापत्र
गुजरात के साणंद में 1 से 3 मार्च 2014 तक 'रोजी रोटी अधिकार अभियान' का पांचवां सम्मेलन संपन्न हुआ। इस…
ग्रीन ट्रिब्युनल ने गोरखपुर परमाणु संयंत्र पर माँगा जवाब, सुनवाई शुरू
गुजरी 12 मार्च 2014 को राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्युनल के माननीय जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली मुख्य बैंच…
एक तरफ दीवार, दूसरी तरफ नहर और बीच में रहने को मजबूर लोग
बिहार की राजधानी पटना में टेश लाल वर्मा नगर झोपड़पट्टी है। यहां पर रहने
वाले 274 परिवार के ऊपर विस्थापन की तलवार लटकी हुई है। विस्थापन के विरोध में
गांधी, विनोबा, जयप्रकाश आदि के बताये मार्ग पर
सत्याग्रह भी किया । जिस तरह ऐतिहासिक गांधी मैदान में महात्मा गांधी की
प्रतिमा के समक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हालही में…
और पढ़े...