आखिर दिल्ली की प्यास कब बुझेगी?
दिल्ली के निवासियों को ज़िंदा रखने की कीमत हिमाचल के लोग अपनी आजीविका के विनाश और बाँध परियोजनाओं के दुष्प्रभावों के रूप में चुकाने पर मजबूर हैं. दिल्ली की प्यास बुझाने के लिए प्रस्तावित रेणुकाजी बांध परियोजना के जबरर्दस्त विरोध के बावजूद हाल ही में एक और किशाउ बांध परियोजना पर समझौता हुआ हैं जिसका मुख्य उदेश्य दिल्ली को पानी पिलाना हैं. किशाउ…
और पढ़े...
आगरा – लखनऊ एक्सप्रेस वे खिलाफ जनसंगठनों की लामबंदी तेज
गुजरी 11 फरवरी, 2014 को बसपा, कांग्रेस और भाकियू ने उत्तर प्रदेश के चौपुला में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के विरोध…
आखिर किसानों के दर्द को कौन समझेगा ?
देश की राजधानी से मुश्किल से 50 कि.मी. की दूरी (जिला कलैक्ट्रेट परिसर, गौतमबुद्ध नगर) पर किसान अपनी ज़मीन बचाने…
महान कोल ब्लॉक को पर्यावरण मंजूरी : नियमों का उल्लंघन
नियमों का उल्लंघन करते हुए मोईली ने महान को पर्यावरण क्लियरेंस दिया
एस्सार-हिंडाल्को के पक्ष में नीचे गिरते हुए मोईली ने महान को दूसरे चरण की मंजूरी दी।
मध्य प्रदेश के सिंगरोली में महान संघर्ष समिति और ग्रीनपीस पिछले कई वर्षों से एस्सार व हिंडाल्कों के संयुक्त उपक्रम महान कोल लिमिटेड को प्रस्तावित कोयला खदान को रद्द करने की माँग को लेकर…
और पढ़े...
चुटका में तीसरी बार जन-सुनवाई की नौटंकी : परमाणु ऊर्जा कारपोरेशन पिछली फजीहत के…
चुटका परमाणु संयंत्र के विरोध में जबलपुर के समर्थक समूह द्वारा
सिविक सेन्टर गार्डन में 15 फरवरी, 2014 को धरना दिया…
इंसाफ और हिफाज़त के लिए – अखिलेन्द्र के उपवास का पांचवां दिन
दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले पांच दिन से आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र…
अधूरी है सामाजिक न्याय की यात्रा- अखिलेन्द्र के उपवास का पांचवां दिन
विभिन्न संगठनों, पत्रकारों व बुद्धिजीवियों ने आकर दिया समर्थन, उर्मिलेश, डॉ. सुनीलम, चितरंजन पहुँचे उपवास पर
आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह का दस दिवसीय उपवास आज पांचवें दिन भी जारी रहा। आज भी उपवास पर बैठे अखिलेन्द्र का चिकित्सीय परीक्षण करने डॉक्टर नहीं पहुँचे जिस पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।…
और पढ़े...
किसान विरोधी सिफारिशों के खिलाफ संसद मार्च और धरना
आज 31 जनवरी 2014 को दिल्ली के जंतर मंतर पर किसानों का संसद मार्च और धरना आयोजित किया गया. वन एवं पर्यावरण…
अस्तरंग बंदरगाह : भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन की आवाज़ बुलंद
ओडिशा के समुन्द्ररी तट पर पुरी जिले का अस्तरंग ब्लॉक अलीविरडले कछुआ की सामूहिक अण्डा दान स्थली के लिए विश्व…
जेपी, ज़मीन और जनाक्रोश: 2011 का पुलिस दमन नहीं भूलेंगे करछना के लोग
बंदूक की संस्कृति के खिलाफ!
लाठी की संस्कृति के साथ, जनतंत्र का निर्माण करों!!
उत्तर प्रदेश के करछना में 21 जनवरी को किसानों के दमन के खिलाफ सामाजिक न्याय सम्मेलन आयोजित किया गया । यह आयोजन 2011 से हर साल इसी तारीख को मनाया जाता है ताकि 2011 में ग्रामीणों पर हुए पुलिसिया हमले की याद जिंदा रहे और उसके खिलाफ गुस्से की आग सुलगती रहे।…
और पढ़े...