संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

12 साल के सफर में टूटे सपने

सपनों की भूलभुलइया से निकल कर वास्तविकता के कड़वे धरातल पर उतर कर झारखण्ड राज्य अपनी उम्र के 13वें साल में पहुंच गया है। कुछ के चेहरे पर विकास की मुस्कान है तो अधिकतर के चेहरे पर विनाश और अत्याचार की उदासी है? यह बड़ा सवाल है कि पिछले 12 सालों में झारखण्ड ने क्या खोया और क्या पाया? खास कर महिलाओं को क्या मिला? इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि…
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दयामनी बारला की रिहाई के लिए दिल्ली में दस्तक: छात्र-युवाओं ने झारखंड भवन पर किया प्रदर्शन

झारखंड ट्राइबल स्टुडेंट्स असोसिएशन (जे.टी.एस.ए.), ऑल इंडिया स्टुडेंट्स असोसिएशन (आइसा) तथा डेमोक्रेटिक स्टुडेंट्स युनियन (डी.एस.यू.) के कार्यकत्ता और जनवादी विचारों वाले छात्र-युवा 12 नवम्बर को दिल्ली के वसंत विहार-स्थित झारखंड भवन के सामने आदिवासी कार्यकर्त्ता दयामनी बारला की अविलम्ब रिहाई के लिए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों ने झारखंड भवन…
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अन्याय की बुनियाद पर न्याय मांगते झारखण्ड के आदिवासी

विस्थापन विरोधी एकता मंच और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के बैनर तले पूर्वी सिंहभूम के पोटका से रांची तक, 2 नवम्बर को शुरू हुई पदयात्रा 10 नवम्बर 2012 को रांची में राजभवन के घेराव के लिय आयोजित प्रदर्शन में बदल गई. झारखण्ड के कोने-कोने से आये हजारों आदिवासियों ने ‘जल-जगल-जमीन की लूट, नहीं किसी को छूट’, हमें लोहा नहीं अनाज चाहिय, कारखाना नहीं, खेती…
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परमाणु सुरक्षा के मसले पर लीपापोती बंद करे सरकार

मनावाधिकार संगठन पीपुल्स युनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज़ (पीयूसीएल) और परमाणु निरस्त्रीकरण एवं शांति गठबंधन…

दयामनी बारला का अंतहीन संघर्ष: सरकार गरीबों से डरती है, कोर्ट को आगे करती है

आज रांची के सेशन कोर्ट में आदिवासी नेता दयामनी बारला के मामले पर चली सुनवाई में फैसला टाल दिया गया है और केस की…

फैजाबाद हिंसा एकतरफा और प्रयोजित: जाँच दल

उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में दुर्गा पूजा के दिन 24 अक्टूबर 2012 को दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों से उपजे तनाव के कारण करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू जारी रहा. इस पुरे घटनाक्रम का जायजा लेने एंव प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने एक स्वतंत्र जांच दल ने 3 नवम्बर 2012 को भ्रमण किया. इस जाँच दल में युगल किशोर शरण शास्त्री, खालिक अहमद खान, विनय श्रीवास्तव,…
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