संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

मज़दूरों की सुरक्षा की आपराधिक अनदेखी

प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ के अध्यक्ष भगवती साहू उद्योग प्रभावित किसान संघ में भी सक्रिय हैं। अभी वह साढ़े तेरह महीने की जेल काट कर ज़मानत पर रिहा हुए हैं। बलौदा बाज़ार स्थित अंबुजा सीमेंट के प्रबंधन के इशारे पर उन्हें और उनके आठ साथियों पर फ़र्ज़ी मामले थोपे गये थे। यह सभी सीमेंट श्रमिकों के जुझारू नेता हैं। बाक़ी आठों साथी फ़िलहाल भूमिगत हैं। पिछले…
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पेंच व्यवर्तन परियोजना: संघर्ष जारी और जरुरी हैं – मेधा पाटकर

छिंडवाड़ा जिले में पेंच नदी पर 41 मीटर का बड़ा बांध केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ जी के चुनाव क्षेत्र में राज्य और…

उद्योगपतियों की चाकरी में सरकार

राज्योत्सव के तहत आयोजित हुए निवेशकों के दो दिन के मिलन समारोह का कल समापन हो गया। इसी के साथ तय हो गया कि छत्तीसगढ़ के हालात अभी और बिगडेंगे- उद्योगों के लिए किसानों से ज़मीन छीनने और उसके विरोध को कुचलने की सरकारी मुहिम और तेज़ी पकड़ेगी, बर्बरता के नये रिकार्ड क़ायम होंगे। राज्य सरकार का यह पहला ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट था और सरकार ने उससे जो उम्मीदें…
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जितना ऊंचा विकास का पहाड़, उतनी गहरी बदहाली की खाई

इस व्योपारी को प्यास बहुत हैगिर्दा उत्तरांचल में हुए तमाम जन आंदोलनों की सांस्कृतिक आवाज़ थे- चाहे वह नशा नहीं…

पदयात्रा : जनद्रोही क़ानूनों और राज्य दमन के ख़िलाफ़, पोटका से राँची राजभवन

पदयात्रा का कार्यक्रम 02 नवम्बर 2012 : पोटका से आरम्भ रोलाडीह, हाता चौक में जन सभा गीतिलता- कुदादा वन…

पेंच व्यपवर्तन विरोधी आंदोलन: आंदोलनकारियों पर कसा जिला प्रशासन का शिकंजा

देश के नागरिकों से अपील डॉ. सुनीलम को जेल भेजने के बाद जिला प्रशासन ने पुरे छिंदवाडा क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दिया है. 4 नवम्बर 2012 से भूमि अधिग्रहण शुरू करने का आदेश देकर लोगों को गाँव खाली करने के लिए धमकाना शुरू कर दिया है. लोग इस जबरदस्ती के खिलाफ इकट्ठा हो बाम्हनवाड़ा में 31 अक्टूबर 2012 से धरना शुरू कर दिया. प्रख्यात समाजकर्मी मेधा…
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लूट के महायज्ञ में प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासियों की बलि

हरियाली के आखेटक इलाहाबाद की ग़रीब बस्तियों के वाशिंदों के बीच अंशु मालवीय उनके संघर्षों के जुझारू साथी के तौर पर…

दयामनी बारला: 3 अगस्त 2011 को भूमि अधिग्रहण के विरोध में जंतर मंतर पर पर दिया गया…

यह विडियो सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला के भाषण का है जो (गुज़री 16 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में रांची जेल…

नगड़ी के युवाओं कि क्या गलती है?

31 अक्टूबर के झारखंड हाईकोर्ट के इस बयान के बाद कि नगड़ी में निर्माण कार्य जारी रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा बल की तैनाती हो, प्रशासन ने भी नगड़ी आंदोलनकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पेश हैं रांची से अतुल आनंद की यह रिपोर्ट; अन्यायपूर्ण भूमि-अधिग्रहण के खिलाफ नगड़ीवासियों के सत्याग्रह से झारखंड सरकार इतनी भयभीत हो गयी है कि उनके मनोबल…
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