किसान क्रेडिट कार्ड : किसानों की लूट का कार्ड
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बैंक के दलाल और बैंकमित्र दिलवाते है एक से अधिक बैंकों से कर्जा !!!
- तयशुदा कमीशन दीजिये और मनमाफिक कर्जा लीजिये !
आशीष सागर
18 मई बाँदा - बुंदेलखंड के सात जिले उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने सुखाप्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिए है ! केंद्रीय दल को मुख्यमंत्री के इस कदम की प्रतीक्षा थी ताकि वे यहाँ आकर किसानों का सूरते हाल ले सके !…
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रमन सरकार के क्रूर दमन का शिकार हुर्रे : गर्भवती आदिवासी महिला को बंदूक के बट से…
तामेश्वर सिन्हा
छत्तीसगढ़; यहाँ जान से जाना आम बात है, आदिवासियों की जिंदगी की कोई अहिमियत नही समझती सरकार और…
भोपाल गैस कांड अपील : व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर एक लाख हस्ताक्षर जुटाने में मदद…
अपील पर यहां हस्ताक्षर करें
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दिसंबर 1984 में भोपाल-स्थित डाव-कार्बाइड फैक्टरी में…
इसे सूखा नहीं, सामूहिक नरसंहार कहिए !
स्वतंत्र पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने सूखा, पलायन, भूखमरी और किसानों की आत्महत्या से पस्त बुंदेलखंड से लोट कर यह लम्बी रिपोर्ट लिखी है जिसे हम चार किस्तों में आपसे साझा करेगे. पेश है बुंदेलखंड की जमीनी हालत पर लिखी रिपोर्ट का अंतिम चौथा भाग;
पहला भाग यहाँ पढ़े …
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अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की बलि चढ़ते आदिवासी
1992 में अल्ट्राट्रेक सीमेंट फैक्ट्री लगने के बाद से ही यहां पर लगातार खनन का कार्य चल रहा है जिससे स्थानीय…
चम्पारण सत्याग्रह : एक शताब्दी का सफर
जिन मूल्यों को लेकर महात्मा गांधी ने चम्पारण से भारत में अपने अभियान की शुरुआत की थी तथा किसानों की समस्याओं…
अफवाहों से बुंदेलखंड में नाकामी छुपाने की कोशिश
स्वतंत्र पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने सूखा, पलायन, भूखमरी और किसानों की आत्महत्या से पस्त बुंदेलखंड से लोट कर यह लम्बी रिपोर्ट लिखी है जिसे हम चार किस्तों में आपसे साझा करेगे. पेश है बुंदेलखंड की जमीनी हालत पर लिखी रिपोर्ट का तीसरा भाग;
पहला भाग यहाँ पढ़े …
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झारखण्ड सरकार द्वारा घोषित स्थानीयता निति के विरोध में प्रतिरोध तेज
सच्चिदानंद सोरेन
झारखण्ड के जामा प्रखंड के बेदिया पंचायत के गादी चुटो गांव के झाझरापहाड़ी…
छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर पुलिसिया दमन के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन
नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग और गिरफ्तार पत्रकार साथियो की रिहाई को…
मिट्टी खाकर पेट भरती “माता” : बुंदेलखंड भाग दो
स्वतंत्र पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने सूखा, पलायन, भूखमरी और किसानों की आत्महत्या से पस्त बुंदेलखंड से लोट कर यह लम्बी रिपोर्ट लिखी है जिसे हम चार किस्तों में आपसे साझा करेगे. पेश है बुंदेलखंड की जमीनी हालत पर लिखी रिपोर्ट का दूसरा भाग;
बारह साल से मिट्टी फांक कर खुद को एक जिंदा गठरी में तब्दील कर चुकी शकुन रायकवार की कहानी खेतों-गांवों…
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