संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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आदिवासी

झारखंड: किसान किसी कीमत पर अदाणी को नहीं देंगे अपनी ज़मीन

हजारीबाग के बड़कागांव ब्लॉक के पांच गांवों गोंदुलपारा, गाली, बलादार, हाहे और फूलंगा के ग्रामीणों की बहुफसली कृषि भूमि सहित जंगल और सामुदायिक भूमि को गलत तरीके से मार्च 2021 में केन्द्र की मोदी सरकार ने अदाणी कंपनी एंटरप्राइज़ लि. को हस्तांतरित किया था। इस क्षेत्र के ग्रामीण-किसान लंबे समय से अपने जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं।…
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मध्य प्रदेश : जंगल बचा रहे अलीराजपुर के आदिवासी

आजादी के पचहत्तर साल में वन अधिकार पर अब जाकर कुछ बातें हो रही हैं और परंपरागत वनवासियों को कहीं-कहीं पट्टे दिए भी…

मणिपुर की हिंसा के मायने

उत्तर-पूर्व के सीमावर्ती राज्य मणिपुर में करीब दो महीनों से जारी तीखी हिंसा ने यह सहज सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इसकी वजह साम्प्रदायिक विभाजन है? गहराई से पड़ताल करें तो इसकी स्पष्ट ध्वनियां सुनाई भी देती हैं। प्रस्तुत है, इसी विषय पर प्रकाश डालता राम पुनियानी का यह लेख; उच्च न्यायालय द्वारा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के रूप में…
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झारखण्ड : नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी संघर्ष के ऐतिहासिक सबक

सेना के गोला-बारूद की मारक क्षमता की जांच के लिए झारखंड के नेतरहाट में की जाने वाली चांदमारी करीब छह दशक बाद आखिर…

आदिवासियों की बदहाली के संवैधानिक गुनहगार

संविधान में आदिवासियों को मिले विशेष दर्जे को आमतौर पर अनदेखा किया जाता रहा है। मसलन – राज्यपालों को अनुसूचित क्षेत्रों में विशेषाधिकार दिए गए हैं, ताकि वे आदिवासियों की विशिष्ट जीवन पद्धतियों, खान-पान और भाषा आदि को देखते हुए उनके हित में निर्णय ले सकें, लेकिन विडंबना है कि अधिकांश राज्यपाल संविधान के इस प्रावधान से अनजान, अछूते ही रहे हैं।…
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पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों के राज्यपालों को गृह मंत्रालय का दिशा-निर्देश

दिल्ली 26 मई 2022। पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों (राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, उड़ीसा, गुजरात,…

गुजरात : पार-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ने की…

-विवेक शर्मा वैसे तो इस देश में हमेशा से आदिवासी समाज हाशिये पर रहा है, लेकिन इन दिनों गुजरात में यह समाज भाजपा…

भाजपा हो या कांग्रेस सबकी पसंद अडानी : छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार ने परसा कोयला खनन परियोजना को दी अंतिम मंजूरी

छत्तीसगढ़ सरकार ने 6 अप्रैल 2022 को सूरजपुर और सरगुजा जिलों में पड़ने वाली परसा ओपनकास्ट कोयला खनन परियोजना के लिए भूमि के गैर-वानिकी उपयोग और कोयला खनन को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस कोल ब्लॉक के विकास और संचालन के लिए अडानी समूह के साथ माइंस डेवलपर कम ऑपरेटर (MDO)अनुबंध है। अडानी समूह की वेबसाइट में एमडीयू कंपनी के कार्यों की व्याख्या के अनुरूप…
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