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किसान आंदोलन
वार्ता बेनतीजा : AIKSCC ने की कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करने की अपील
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ केन्द्र सरकार और किसानों के बीच आठवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। किसान संगठन जहां…
छत्तीसगढ़ : 8 जनवरी से खेती बचाओ अभियान, हजारों किसान करेंगे दिल्ली मार्च
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ से जुड़े संगठनों की आवश्यक बैठक मंथन हॉल कचहरी चौक रायपुर में सम्पन्न हुई जिसमें केन्द्र…
किसान आंदोलन का आठवां दिन : किसान विरोधी कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसान संगठनों का चेतावनी ज्ञापन पत्र
श्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री
भारत सरकार, नई दिल्ली
विषय:- भोपाल गैस कांड की 37 वी बरसी पर आयोजित कारपोरेट विरोध दिवस के अवसर किसान विरोधी कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर चेतावनी ज्ञापन पत्र।
माननीय महोदय
आप जानते ही हैं कि देश के किसानों द्वारा दिल्ली में 26-27 नवंबर से तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द कराने और बिजली बिल वापस…
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पूरे देश से 250 से ज्यादा किसान संगठनों का दिल्ली कूच शुरू : सरकार ने की जगह-जगह…
नई दिल्ली। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और एआईकेएससीसी के राष्ट्रीय वर्किंग ग्रुप के साथ ही राज्य स्तरीय…
किसानों को बर्बाद कर देंगे कृषि कानून : विरोध में लाखों किसानों का दिल्ली में…
किसान और किसानी को बर्बाद करने के लिए लाए गए हैं कृषि विधेयक
पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाएंगे तथा किसानों को मजदूर…
भारत बंद : नए कृषि कानूनों के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरे किसान, 26-27 नवंबर 2020 को ‘दिल्ली चलो’ का ऐलान
नए कृषि कानूनों के विरोध में देश के कई हिस्सों में किसान सड़कों पर उतरकर रास्ता रोक रहे हैं
मोदी सरकार द्वारा लाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन देशभर में जारी है। पांच नवंबर को किसान देशव्यापी चक्का जाम कर रहे हैं। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के ऐलान पर महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश,…
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किसान संगठनों का 5 को चक्का जाम और 26-27 नवम्बर को दिल्ली चलो का आह्वान
5 नवम्बर 2020 को "देशव्यापी चक्का जाम" और 26-27 नवम्बर को "दिल्ली चलो" का किसान संगठनों का आह्वान मोदी सरकार के…
कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ देश भर के 250 किसान संगठनों ने किया 26-27 नवम्बर 2020…
दिल्ली 29 सितम्बर 2020। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समीति (एआईकेएससीसी) ने मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ…
किसानों की हाड़तोड़ मेहनत और सरकार की उदासीनता से बर्बाद होता आनाज
देश भर में इस साल 3 करोड 36 लाख हैक्टेयर में गेहूँ की बुआई हुईं थी। मध्यप्रदेश में इस साल 55 लाख हैक्टेयर से अधिक भूमि पर गेहूं बोया गया था। गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है। 1 करोड़ 29 लाख 34 हजार 588 मेट्रिक टन गेहूं 4529 खरीदी केंद्रों के माध्यम से खरीदी किया गया है। सरकार का दावा है…
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