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हिमाचल प्रदेश
जडेरा माईक्रो हाईडल प्रोजेक्ट के खिलाफ आन्दोलन
ग्राम पंचायत जडेरा हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा रावी नदी की सहायक नदी साल नदी के साथ होल नाला पर प्रस्तावित माइक्रो हाईडल पॉवर प्रोजेक्ट के विरोध में वहां की स्थानीय जनता पिछले 8-10 सालों से लामबन्द है। स्थानीय जनता इस पॉवर प्रोजेक्ट का इसलिए विरोध कर रही है कि इस नाले के आसपास के गांव में न तो पीने के पानी का विकल्प है और न ही सिंचाई के लिए,…
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हरिपुर नाला लघु जल विद्युत् परियोजना में हुई अनियमितताओं की जॉच होगी
हरिपुर नाला लघु जल विद्युत् परियोजना 1.5 मेगावॉट पर हिमाचल हाई कोर्ट की राजीव शर्मा की खण्ड पीठ ने सात…
जे.पी. थर्मल प्लांट बघेरी पर 100 करोड़ का जुर्माना
हिमाचल हाईकोर्ट ने जेपी एसोसिएट्स के बघेरी थर्मल संयंत्र पर एक अभूतपूर्व निर्णय दे कर यह आभास कराया है कि प्रदेश…
लुहरी परियोजना के विरोध में जनसभा
लुहरी जल विद्युत परियोजना की दोहरी सुरंगें लाएंगी प्रदेश में विनाश
सतलुज बचाओ जन संघर्ष समिति, मंडी ज़िला के अनुसार लगभग 10,000 सुरंग प्रभावित परिवारों को परियोजना प्रभावित परिवारों की सूची से बाहर रखा गया है सतलुज बचाओ जन संघर्ष समिति, मंडी ज़िला, (हि.प्र) ने एक बार फिर लुहरी जल विद्युत परियेाजना के सुरंग प्रारूप के प्रति…
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भाखड़ा बांध विस्थापित आर-पार की जंग को तैयार
भाखड़ा बांध विस्थापितों की सभी कमेटीओं की बैठाकें 9 जून को मलराओं तथा 10 जून कोसरियां व वाला गाँव में संपन हुई. इन…
हिमाचल प्रदेश के जनसंघर्ष: न्याय के लिए बढ़ते कदम
हिमाचल प्रदेश का भू-भाग अपनी पहचान एवं इतिहास के लिए एक राज्य के रूप में प्रशासनिक गठन की तारीख का मोहताज नहीं…
12 गांवों की पंचायतों के किसानों ने जल, जंगल, जमीन तथा आजीविका बचाने के लिए कसी कमर
हिमाचल प्रदेश में एक तरफ जहां बड़े बांध, माइक्रो हाइड्रो पॉवर प्लांट के खिलाफ स्थानीय लोग संघर्षरत हैं तथा भाखड़ा बांध से प्रभावित विस्थापित आज तक पुनर्वास की लड़ाई लड़ रहे हैं वहीं इस बीच हिमाचल प्रदेश में धौलाधार सेंचुरी का मुद्दा गरमा रहा है।
1999 में बैजनाथ की 12 पंचायतों के क्षेत्र को धौलाधार सेंचुरी क्षेत्र में शामिल किया गया था। 2006…
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तीखे विरोध के चलते प्रशासन को स्थगित करनी पड़ी जनसुनवाई
सतलुज जल विद्युत निगम के महत्वाकांक्षी लुहरी प्रोजेक्ट को स्थानीय लोगों के घनघोर विरोध का सामना करना पड़ रहा है।…
हिमाचल हाईकोर्ट की ग्रीन बैंच ने सुंदरनगर सीमेंट प्लांट रद्द किया
दिनांक 13 दिसंबर 2010 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के स्पेशल हरित बैंच ने सुंदरनगर सीमेंट प्लांट जिला मंडी की पर्यावरण…
रेणुका बांध के खिलाफ संघर्ष जारी है. . . .
दिनांक 15 दिसंबर 2010 को हिमाचल प्रदेश के रेणुका, सिरमौर में जबरदस्ती भू-अधिग्रहण के खिलाफ स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद हिमाचल प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) तथा राजस्व विभाग ने भूमि अधिग्रहण कानून 1894 के सेक्शन 9 के तहत रेणुका बांध परियोजना के लिए पनार गांव की 680 बीघा जमीन (लगभग 57 हैक्टेयर) को अधिसूचित कर दिया। रेणुका बांध संघर्ष समिति…
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