निजीकरण के बढ़ते कदम : सामाजिक उपक्रमों को बेचने में रेलवे मात्र शुरुआत है
दिल्ली, 17 जुलाई। भारतीय रेलवे को पूंजीपतियों के हाथ बेचने की जन-विरोधी सरकार की घोषणा के ख़िलाफ़ दिल्ली सहित देश के कई इलाको में प्रदर्शन हो रहे है और निगमीकरण व निजिकरण की जनविरोधी नीतियों को वापस लेने की माँग बुलंद हुई है। हिंदुस्तान की 70 प्रतिशत जनता अब भी रेलवे से ही सफर करती है। रेलवे ने इस देश में सतत विकास की ओर जीवन रेखा का काम किया है।…
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झारखण्ड : 23 बैठकों के बाद भी नहीं सुलझ सके डिमना बांध विस्थापितों के मुद्दे
सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए लिए गए डिमना डैम की ज़मीन को टाटा कंपनी अपनी निजी जमीन की तरह मानती है। शहर को पीने का…
झारखण्ड : कोल ब्लॉक के खिलाफ गोलबंद दुमका के आदिवासी, गांवों में गूंजते नारे ‘जान देंगे जमीन नहीं’
झारखंड में दुमका जिले के शिकारीपाड़ा इलाके के गांवों में प्रस्तावित कोल ब्लॉक के खिलाफ आदिवासियों की गोलबंद तेज है. पिछले पांच महीने से शिकारीपाड़ा इलाके के अलग-अलग गांवों में बैठकें हो रही हैं. विरोध- प्रदर्शन का दौर जारी है. और इस दौरान नारे गूंजते रहे हैं- जान देंगे, जमीन नहीं.
इसी सिलसिले में 14 जुलाई 2019 को सरसडंगाल हटिया परिसर में…
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मध्यप्रदेश : वन भूमि से कब्जा हटाने आए दस्ते का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस…
9 जुलाई को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्राम सिवल में पुलिस और राजस्व अधिकारी सहित वन अमला पहुंच कर करीब 9…
तमिलनाडु : कुडनकुलम परमाणु प्लांट के खिलाफ महिलाओं का संघर्ष
-श्वेता दागा
10 सितंबर 2012 को तमिलनाडु के चार गांवों के हजारों लोग तिरूनेलवेली जिले के इदिन्थाकरै गांव से लगे तटों पर कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केएनपीपी) का विरोध करने एकत्रित हुए. यह संयंत्र इस गांव से मात्र दो किलोमीटर दूर बना है. उस दिन संयंत्र में यूरेनियम ईंधन (फ्यूल) भरा जा रहा था जो परमाणु संयंत्र के आरंभ होने से पहले किया जाता है.…
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अवैध खनन : मणिपुर में HC का प्रतिबंध, मेघालय पर SC का 100 करोड़ जुर्माना
मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य की सभी नदियों में अवैध पत्थर और रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है. साथ ही अदालत…
मद्रास हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम में तमिलनाडु सरकार के संशोधन को अवैध…
मद्रास के उच्च न्यायालय ने केंद्रीय भूमि अधिग्रहण कानून में तमिलनाडु की सरकार द्वारा किए गए संशोधन को ‘अवैध’ करार…
छत्तीसगढ़ : सुप्रीम कोर्ट के जंगल खाली करने के फैसले के खिलाफ बस्तर में प्रदर्शन
कांकेर (छत्तीसगढ़)- गुजरी 2 जुलाई 2019 को आदिवासी समाज ने रैली निकालकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर कहा जल जंगल जमीन पर जमारा हक है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिये निर्णय को वापस लेने और वन अधिकार अधिनियम 2005-06 को पुनः लागू करने की मांग को लेकर कोयलीबेड़ा विकासखंड के आदिवासी समाज ने कंदाड़ी गांव में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया है।आदिवासी…
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