कबीर कला मंच के साथियों को मिली जमानत : चार साल का कारावास भी नहीं दबा पाया सामाजिक अन्याय के खिलाफ उठ रही आवाज को
3 अप्रैल 2013 को कबीर कला मंच के सदस्य शीतल साठे और उनके पति सचिन माली को महाराष्ट्र पुलिस ने नक्सल समर्थक होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। सचिन और उनकी पत्नी लंबे समय से दलित उत्पीड़न और सामाजिक अन्याय के खिलाफ सांस्कृतिक लड़ाई लड़ रहे थे और यही बना उनकी गिरफ्तारी का सबब। एक लंबी लड़ाई के बाद अंततः 3 जनवरी 2017 को सचिन माली को जमानत मिल…
और पढ़े...
हीरो मोटो कॉर्प ठेका मजदूरों की नजायज छंटनी के खिलाफ एक दिवसीय भूख हड़ताल
नरेंद्र मोदी द्वारा 8 सितंबर को लागू की गई नोटबंदी काला धन तो वापस न लेकर आ पाई लेकिन उसने हजारों मजदूरों के…
वजूद के लिए जूझती कलाकारों की बस्ती : दिल्ली की कठपुतली कॉलोनी पर विस्थापन का संकट
आजादी के बाद जब देश इंसानी इतिहास के सबसे बड़े विस्थापन को देख रहा था उसी समय भाटों के सात डेरे आकर दिल्ली…
छत्तसीगढ़ पुलिस की ताज़ा उपलब्धिः माओवादी होने झूठा इल्जाम लगाकर सात मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार
बस्तर की सुकमा
पुलिस ने 26 दिसंबर 2016 की रात आंध्र प्रदेश और तेलगांना के हाईकोर्ट में
प्रैक्टिस कर रहे दो अधिवक्ताओं, एक पत्रकार सहित
सात मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को माओवादी गतिविधियों में शामिल होने के झूठे आरोप
में जनसुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस गिरफ्तारी
देश भर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में रोष छाया…
और पढ़े...
आदिवासियों की जमीन हड़पने के लिए हुए कानूनों में संशोधन के खिलाफ एकताबद्ध झारखंडी…
23 नवम्बर 2016 को झारखंड में भाजपा सरकार द्वारा सौ साल से ज्यादा पुराने कानून छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट-1908…
ब्रिटिशों ने भी ऐसे ज़मीन नहीं छीनी थी : झारखण्ड में भाजपा सरकार द्वारा कानूनी लूट…
छोटानागपुर भू-स्वामित्व क़ानून, जो अंग्रेजों ने आदिवासियों की ज़मीन सुरक्षित रखने के लिए बनाया था, उसमें संशोधन…
78 दिनों के बाद अखिल गोगोई जेल से रिहा : असम नागरिक कानूनों में हो रहे संशोधन के खिलाफ संगठित लड़ाई का ऐलान
-बोनोजीत हुसैन
असम; 2 अक्टूबर 2016 को गिरफ्तार कृषक मुक्ति संग्राम के नेता अखिल गोगोई को 78 दिनों बाद आज 19 दिसंबर 2016 को जमानत मिल गई। जमानत के तुरंत बाद अखिल ने गोलाघाट में एक विशाल जनरैली को संबोधित किया। गोगोई ने रैली में कहा कि भाजपा सरकार असम के नागरिक कानून में संशोधन करके असम समझौते को बदलने का प्रयास कर रही है। केएमएसएस इस पहल के खिलाफ…
और पढ़े...
पुलिस दमन के विरोध और जंगल जमीन पर हक के लिए नियमगिरि आदिवासियों का प्रदर्शन
उड़ीसा के नियमगिरि, तीज माली पर्वत, खंडवाल माली पर्वत इलाकों में बढ़ते पुलिस दमन और खनन के प्रभाव ने पर्वत पर निवास…
वनाधिकार कानून की 10वीं वर्षगांठ पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल जन रैली, 15…
भूमि अधिकार आंदोलन के बैनर तले
वनाधिकार कानून की 10वीं वर्षगांठ पर वनाधिकार रैली
संसद की ओर मार्च…
अक्टूबर क्रांति का सौंवा साल; चिंगारी अब बने मशाल
महान समाजवादी अक्टूबर क्रांति अमर रहे!
साथियों,
यह साल महान अक्टूबर क्रांति का शताब्दी वर्ष के तौर पर पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। 7 नवंबर 1917 को हुयी रूसी क्रांति ने दुनिया के मेहनतकशों के सामने मुक्ति का एक प्रकाश-स्तम्भ स्थापित किया। जिससे प्रेरणा पाकर 1950 के दशक में दुनिया के एक तिहाई हिस्से में मेहनतकशों का प्यारा लाल झण्डा…
और पढ़े...