संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
.

किसान आंदोलन

सरकारी उपेक्षा के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार : देश भर में 10,000 से ज्यादा जगहों पर विरोध प्रदर्शन

सरकारी उपेक्षा के खिलाफ किसानों ने भरी हुंकार मध्य प्रदेश सहित देश के 10,000 से ज्यादा गांवों, टोला, तहसील, ब्लॉक कस्बों और जिलों में विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कहा किसानों को विशेष पैकेज दे सरकार 250 किसान संगठनों की अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने किया था आव्हान  27 मई 2020 नयी दिल्ली।  पिछले 2 महीने से देश भर में…
और पढ़े...

राष्ट्रीय बजट का आधा हिस्सा हो किसानों के लिए : राष्ट्रीय किसान समन्वय समिति का…

दिल्राली 28 जनवरी 2020। राष्ट्रीय किसान समन्वय समिति ने माननीय प्रधानमंत्रीजी को पत्र लिखकरमांग की है कि किसानों और…

जन विरोधी अन्तर्राष्ट्रीय समझौते के खिलाफ किसान संगठन एकजुट : 4 नवंबर 2019 को जंतर…

मेगा व्यापार सौदा के खिलाफ सभा और धरना प्रदर्शन जंतर मंतर, नई दिल्ली: 4 नवंबर 2019। 12  बजे से मोदी सरकार…

प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना : मोदी का मुनाफाखोर बीमा कंपनियों को किसानों को जबरन लूटने का तोहफा

-चरण सिंह नई दिल्ली। वैसे तो किसानों को हर सरकार बेवकूफ बनाती आ रही है पर मोदी सरकार है कि कुछ ज्यादा ही बना रही है। 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का दावा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिर से सत्ता संभालते ही कैबिनेट की पहली ही बैठक में किसानों को तोहफा देने की बात कही जा रही है। सत्ता पक्ष से लेकर मीडिया तक में यह खबर ऐसे चल रही…
और पढ़े...

भारत के किसानों के नाम किसान संगठनों का खुला पैगाम

कृपया अवैध आनुवंशिक रूप से संशोधित/जीएम बीजों को न बोएं, विज्ञान के नाम पर कम्पनियों के दलालों के झांसों में न आएं…

पेप्सीको कम्पनी : बहुराष्ट्रीय कंपनियों की शर्तों के नीचे दम तोड़ती खेती

गुजरात के किसानो पर पेप्सी कम्पनी ने एक केस अहमदाबाद की व्यापारी कोर्ट में दर्ज करवाया जिसको लेकर अभी देश और दुनिया…

गुजरात : पेप्सिको विवाद और कांट्रेक्ट फार्मिंग

-गिरिश मालवीय नील की खेती याद है आपको!, 1917 का चंपारण आंदोलन जिसने मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गाँधी बना दिया था वह नील की खेती से ही जुड़ा हुआ आंदोलन था, बिहार में अंग्रेजी सरकार किसानों से जबर्दस्ती नील की खेती करने को बाध्य करती थी ..........अब गोरे अंग्रेज चले गए और अब काले अंग्रेजों का शासन आ गया है अब स्वतंत्र भारत मे मोदी सरकार नील की…
और पढ़े...

नेशन फॉर फार्मर्स : कृषि संकट पर संसद में विशेष सत्र की माँग के लिए राष्ट्रीय…

कृषि संकट पर संसद में विशेष सत्र की माँग के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन 1 से 3 मार्च, 2019 इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई…

महाराष्ट्र : एक बार फिर सड़क पर उतरे किसान, नासिक से मुंबई तक करेंगे मार्च

इससे पहले मार्च 2018 को किसानों ने अपनी मांगों के साथ नासिक से मुंबई तक लंबी रैली की थी. आरोप है कि महाराष्ट्र की…

राजस्थान : जिंदा मक्खी निगलने को मजबूर कुतुबपुरा के निवासी; कान में तेल डालकर बैठा प्रशासन

मनदीप पुनिया / जितेंद्र चाहर राजस्‍थान में शुक्रवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और झुंझनूं जिले की एक एक पंचायत में महीने भर से धरने पर बैठे लोगों ने चुनाव का बहिष्‍कार करने का नारा दे दिया है क्‍योंकि उनकी जिंदगी मक्खियों ने तबाह कर दी है। अफसरों से लेकर नेताओ तक सबसके चक्‍कर लग चुके हैं लेकिन कुतुबपुरा के लोग अब भी जिंदा मक्‍खी निगलने…
और पढ़े...