मध्य प्रदेश सरकार का कारनामा : उधोगों को 1.5 लाख एकड़ सार्वजनिक भूमि का तोफ़ा !
समाजवादी जन परिषद (सजप) के अनुराग मोदी ने 25 मई को जारी एक प्रेस विज्ञप्ती में कहा कि म. प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंग चौहान की सरकार ने अपने हालिया दस्तावेज ‘लैंड बैंक- 2014’ में उद्योगों को देने के लिए जो 1.5 लाख एकड़ जमीन आरक्षित की है, वो गैरकानूनी है| यह म. प्र. , राजस्व पुस्तक परिपत्र, पंचायती राज कानून और उच्चत्तम…
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झारखंड के मूलवासी – आदिवासियों का ऐलान : न जान देंगे, न जमीन देंगे !
रंजीत वर्मा की कविता ‘यह जमीन ही है’ कि शुरुआती पंक्तियां -
जरूरी है पढ़ाई-लिखाई
लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी…
डांगावास दलित नरसंहार के विरोध में प्रदर्शन !
राजस्थान के जयपुर शहर में सामाजिक संगठनों के संयुक्त बैनर तले 27 मई को नागौर के डांगावास में हुए दलित संहार की…
एक और खैरलांजी : राजस्थान का नागौर जिला दलितों की कब्रगाह बनता जा रहा है
राजस्थान की राजधानी जयपुर से तक़रीबन ढाई सौ किलोमीटर दूर स्थित अन्य पिछड़े वर्ग की एक दबंग जाट जाति की बहुलता वाला नागौर जिला इन दिनों दलित उत्पीडन की निरंतर घट रही शर्मनाक घटनाओं की वजह से कुख्यात हो रहा है .विगत एक साल के भीतर यहाँ पर दलितों के साथ जिस तरह का जुल्म हुआ है और आज भी जारी है ,उसे देखा जाये तो दिल दहल जाता है ,यकीन ही नहीं आता…
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रेमण्ड वूलन मिल्स के ठेका मजदूरों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन
मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के बोरगांव स्थित रेमण्ड वूलन मिल्स के ठेका मजदूरों ने हिन्द
मजदूर किसान पंचायत…
खुली अर्थव्यवस्था की समीक्षा जरूरी !
देश में खुली अर्थव्यवस्था के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसके अच्छे-बुरे प्रभावों को ठीक से समझने के लिए इतना वक्त…
जमीन छिनने के खौफ से बेचैन किसान
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित तीन सीमेंट प्लांटों के विरोध में पिछले 1715 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है. सरकार की और 14 मई को भूमि कब्ज़ा करने की कार्रवाई ग्रामीणों के विरोध कारण शुरू नहीं हों पाई। इस बीच एसडीएम का तबादला भी कर दिया गया. ज्ञात हो कि झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ और सीकर जिले के बेरी क्षेत्र में…
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जमीन की लूट का अंतहीन इतिहास
भारत में सार्वजनिक जमीन की सरकारी लूट का संस्थानीकरण प्रांरभ हुए 500 वर्षों से ज्यादा हो गए हैं। यह सिलसिला आज…
राजस्थान में दलितों पर अत्याचार : नयी दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन
राजस्थान में दलितों पर अत्याचार : यूथ डिग्निटी फोरम का जंतर मंतर पर प्रदर्शन
सोमवार, 25 मई 2015, समय दोपहर…
राजस्थान : 21 गांवों के आदिवासियों की आजीविका व अस्तित्व का संघर्ष !
डूंगरपुर (राजस्थान) के हजारों आदिवासियों ने अपने शारीरिक श्रम व पूंजी लगाकर हजारों हेक्टेयर बंजर जमीन को खेती लायक बनाया। वैध दस्तावेज होने के बावजूद सरकार अपने लालच व स्वार्थ के चलते आदिवासियों को उनका हक प्रदान करने में आनाकानी कर रही है। आदिवासियों के परिश्रम व भूमि से जुड़ाव को रेखांकित करता भारत डोगरा का सप्रेस से साभार महत्वपूर्ण…
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