संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

गढ़वा में प्रस्तावित कनहर बांध पर छत्तीसगढ़ सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करें- माकपा

रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने झारखंड के गढ़वा जिले में कनहर नदी पर प्रस्तावित बांध के संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। प्रस्तावित कनहर बांध से सरगुजा जिले के 10 ग्राम पंचायतों के पूरी तरह डूबने की आशंका व्यक्त की जा रही है। माकपा ने आरोप लगाया है कि सिंचाई के नाम पर इस प्रस्तावित बांध का वास्तविक…
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राज्यसत्ता लोकतंत्र से डरती है – लोक अधिकार मंच, गडचिरोली

“जनता के अधिकारों के संघर्ष की सभा पर पुलिस द्वारा दमन.... ये तो लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की हत्या...”…

आस्ट्रेलिया में अडानी के खनन-प्रोजेक्ट से प्रभावित अश्वेत मूलनिवासियों ने छेड़ा आंदोलन

कार्पोरेट हितों के लिए आदिवासियों, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों की ज़िन्दगियों से खिलवाड़ का दौर भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में जारी है और शोषक जमात के तार राष्ट्रीय सीमाओं के पार जाकर एक-दूसरे से जुड़ते हैं. जहां भारत के जंगलों, खेतों और खदानों को विदेशी कार्पोरेट के मुनाफे चारागाह में बदल दिया गया है वहीं भारत के नए-पुराने थैलीशाह भी…
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16 मई के बाद की बदली परिस्थिति और सांस्‍कृतिक चुनौतियां पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी :…

मित्रों,जैसा कि आपको पता होगा कि 16 मई, 2014 को इस देश में निज़ाम बदलने के बाद कुछ कवियों, पत्रकारों और…

कनहर बांध के मामले में एन.जी.टी. (हरित कोर्ट) का विरोधाभासी निर्णय !

कनहर बांध के मामले में एन.जी.टी. (हरित कोर्ट) द्वारा सरकार का पर्दाफाश लेकिन निर्णय विरोधाभासी नये निर्माण पर…

14 मई को नवलगढ़ के ग्रामीणों की जमीने जबरदस्ती कब्ज़ा कर कम्पनियों को सौपने की तैयारी

नवलगढ़ में सीमेंट फैक्ट्री की तैयारी झुंझुनूं। जिले के नवलगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए रीको की ओर से भूमि अधिग्रहण करने की तैयारी की जा रही है। मंगलवार को रीको के अधिकारियों ने नवलगढ़ क्षेत्र का दौरा कर सीमेंट फैक्ट्री के प्लांट के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का जायजा लिया। नवलगढ़ क्षेत्र के गांव गोठड़ा में श्री…
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जल सत्याग्रह का 32वां दिन : फिर दिखाईं अतिक्रमित जमीने

आज 12 मई को 32 वें दिन जल सत्याग्रह जारी है, लोगों के पैर गलने लगे , हालत ख़राब होने लगी, पैर लहुलुहान होने लगे , बुखार की शिकायत और अन्य तकलीफे होने लगी लेकिन सरकार की बेरुखी से और असंवेदनशीलता से लोगों में रोष फैलता जा रहा है । दूर दूर से आ कर लोगों ने जल सत्याग्रह को अपना समर्थन व्यक्त किया । वही देश के 100…
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