संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

जेपी कंपनी को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की मिली सबसे बड़ी सजा

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 4 मई 2012 को एक महत्वपूर्ण फैसले में जेपी कंपनी के बघेरी (नालागढ़) स्थित थर्मल पॉवर प्लांट को नष्ट करने के आदेश दिए हैं। वहीं, जेपी कंपनी पर सौ करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। न्यायाधीश दीपक गुप्ता एवं न्यायाधीश संजय करोल की खंडपीठ ने कहा कि जेपी कंपनी ने सोलन जिले के बघेरी गांव में सीमेंट प्लांट झूठे दस्तावेजों…
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कूडनकुलम: परमाणु संयंत्र विरोधी आंदोलन

11 मई 2012 को कूडनकुलम में चल रहे क्रमिक अनशन के तीन सौ दिन पूरे हो गए. अपनी ताजा घोषणा में भारतीय परमाणु ऊर्जा…

कांके-नगड़ी में भूमि अधिग्रहण के विरोध में स्थानीय आदिवासियों का संघर्ष

कांके-नगड़ी में सरकार जमीन अधिग्रहण कानून 1894 के तहत 1957-58 में राजेंन्द्र कृर्षि विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए…

पूर्वी सिंहभूम, झारखण्ड से पोटका आंदोलनः एक इतिहास

भाग- 1झारखण्ड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सत्ता पर बैठते ही विकास के नाम पर यहां के प्राकृतिक संसाधनों का भरपूर दोहन करने की पूरी योजना बना ली थी। उन्होंने इसकी शुरूआत 2001 में औद्योगिक नीति से की जिसके तहत हजारीबाग जिले के बरही से पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा तक मुख्य सड़क के दोनों ओर 5-5 किलो मीटर तक विशेष अर्थिक…
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जैतापुर न्यूक्लियर पॉवर प्रोजेक्ट से विस्थापित हुए हजारों किसान-मछुआरे अपनी जमीन…

जैतापुर न्यूक्लियर पॉवर प्रोजेक्ट (जेएनपीपी) के खिलाफ आंदोलन एक बार पुनः तेज हो गया है। 13 मई 2012 को करीब तीन हजार…

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के विरोध में भूला मोहगांव में प्रतिरोध दिवस मनाया गया

छिंदवाडा के भूला मोहगांव में 22 मई 2012 को प्रतिरोध दिवस के रूप में महापंचायत का आयोजन किया गया। इस मौके पर साथी…

भूमि अधिग्रहण के विरोध में महेन्द्रगढ के किसानों का धरना एवं भूख-हड़ताल शुरू

महेन्द्रगढ़ के पास रिवाड़ी रोड पर 28 मई 2012 से निकटवर्ती गांव रिवासा और माजरा खुर्द के किसान अपनी उपजाऊ भूमि बचाने के लिए धरने पर बैठे हैं 10 जून 2012 से किसानों ने भूमि अधिग्रहण के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसी के साथ किसानों ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। उल्लेखनीय है कि…
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गोरखपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का आन्दोलन तेज हुआ

गोरखपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के विरोध में आंदोलन 670 दिन से चल रहा है। 17 अगस्त 2010 से किसान धरने पर बैठे हुये…

करछना पॉवर प्लांट का भूमि अधिग्रहण रद्द किसानों के आंदोलन के आगे नहीं टिक पाया…

करछना में पॉवर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों को अंततः जीत हासिल हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के…

सड़क चौड़ीकरण किसके हित में: कम्पनी या किसानों के ?

इस समय पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौंड़ीकरण का कार्य जोरशोर से चल रहा है। 2 लेन को 4 लेन, 4 लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग को 6 लेन का बनाया जा रहा है। साथ ही साथ राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बसे शहरों और बाजारों के बाहर से बाईपास भी बनाया जा रहा है। बाजारों के बाहर से बनने वाले बाईपास के किनारे की जमीनों का अधिग्रहण करके उसे कारपोरेट…
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