संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

जैतापुर संघर्ष के समर्थन में दिल्ली में प्रतिरोध

केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री जयराम रमेश के किसी भी हाल में जैतापुर में न्यूक्लियर पॉवर पार्क बनाने के बयान के बाद आक्रोशित जैतापुर के लोग रत्नागिरी के रास्तों पर उतर आये। जापान के फुकुशिमा में हुए हादसे के बाद केन्द्रीय मंत्री का यह बयान लोगों के आक्रोश का कारण बना जिसे दबाने के लिए महाराष्ट्र सरकार पुलिस बल का प्रयोग करते हुए गोलीबारी पर…
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गोरखपुर में तेज हुआ परमाणु संयंत्र विरोध

कारपोरेटी उपनिवेशवाद के खिलाफ एवं जल-जंगल-जमीन व जीने के अधिकार के लिए संघर्षरत नये समाज की रचना के लिए प्रतिबद्व…

सिर मुड़ाते ही ओले पड़े : कर्नाटक राज्य में प्रस्तावित पोस्को संयंत्र स्थानान्तरित…

उड़ीसा में इस्पात संयंत्र लगाने की योजना के लगातार विरोध से आहत कोरियाई वैश्विक स्टील कम्पनी पोस्को को कर्नाटक में…

छिंदवाड़ा : अडानी पेंच पॉवर प्लांट का पुरजोर विरोध

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के पास चौसरा गांव में 1320 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट अडानी ग्रुप लगाने जा रहा है। थर्मल प्लांट के लिए पेंच नदी पर दो बांध बनाकर बिजली घर को पानी दिए जाने की योजना है। इस योजना से किसानों की जमीन और पानी दोनों छीन जायेगा। इस परियोजना का दिलचस्प पहलू यह है कि जिस जमीन पर किसान खेती कर रहे हैं वह जमीन मध्य प्रदेश सरकार…
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नीम का थाना क्षेत्र में जारी है जनसंघर्ष

राजस्थान व हरियाणा की सीमा पर अरावली पवर्तमालाओं के पहाड़ी क्षेत्र में नीम का थाना व उसके आस-पास कई गांव बसे…

गंगा एक्सप्रेस-वे एवं भूमि अधिग्रहण क्यों और किसके हित में

9-10 अप्रैल 2011 को कृषि-भूमि बचाओ मोर्चा, उ. प्र. के तत्वावधान में सर्व सेवा संघ, राजघाट, वाराणसी, उ. प्र. में दो…

उत्तर प्रदेश की भूमि अधिग्रहण की नयी नीति

भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों पर गोलियां चलवाने तथा दिसंबर 2009 से जुलाई 2011 के बीच 6 बड़े-बड़े भूमि-अधिग्रहणों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा अवैध घोषित किये जाने के रिकार्डों से गदगद या आहत उत्तर प्रदेश सरकार एक नयी भूमि अधिग्रहण नीति के साथ मैदान में आयी है, अपनी बदनुमा छबि को सुधाने की जुगत में। 2 जून 2011, को उत्तर प्रदेश सरकार…
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जारी है भूमि-अधिग्रहण के खिलाफ संघर्षरत किसानों पर बर्बर दमन

उत्तर प्रदेश में भूमि-अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों तथा प्रशासन के टकराव की हिंसक घटनायें राज्य सरकार तथा केन्द्रीय…

तीखे विरोध के चलते प्रशासन को स्थगित करनी पड़ी जनसुनवाई

सतलुज जल विद्युत निगम के महत्वाकांक्षी लुहरी प्रोजेक्ट को स्थानीय लोगों के घनघोर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्तावित लुहरी हाइड्रो-इलेक्ट्रिकल संयंत्र 775 मेगावाट का है और इस यंत्र में विश्व बैंक का पैसा भी लगा है। हिमाचल प्रदेश राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रस्तावित संयंत्र से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए 5, 6, 7 मई, 2011 को…
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